
पांढुरना में किसानों के बैलगाड़ी मार्ग पर विवाद, पार्षद दुर्गेश उईके के नेतृत्व में कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पार्षद दर्गेश उईके के नेतृत्व में किसानों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पांढुरना पहुंचकर जनसुनवाई में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि ग्राम सावरगांव क्षेत्र में पीढ़ी-दर-पीढ़ी उपयोग में आने वाले बैलगाड़ी एवं आवागमन मार्ग को जेसीबी मशीन से नाली खोदकर तथा नींबू के पेड़ डालकर बंद कर दिया गया है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि मौजा सावरगांव एवं कामठीखुर्द स्थित कृषि भूमि तक पहुंचने के लिए वर्षों से उपयोग किए जा रहे रास्ते को अचानक अवरुद्ध कर दिया गया। आरोप है कि अनावेदक द्वारा रास्ते में जेसीबी से खुदाई कराई गई और पेड़ डालकर आवागमन रोक दिया गया, जिसके कारण किसानों का खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।

ज्ञापन में कहा गया कि खरीफ फसल की बोनी का समय नजदीक है और यदि जल्द रास्ता नहीं खोला गया तो किसानों को आर्थिक एवं कृषि संबंधी गंभीर नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर रास्ता खुलवाने की मांग की है।
पार्षद दुर्गेश उईके ने कहा कि ग्रामीण कई पीढ़ियों से इस मार्ग का उपयोग करते आ रहे हैं। रास्ता बंद होने से किसानों का खेती-किसानी कार्य प्रभावित हो रहा है और वे मानसिक रूप से भी परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र समाधान करने की मांग की।
जनसुनवाई में दिए गए आवेदन में किसानों ने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि अवरुद्ध मार्ग को तत्काल खुलवाया जाए ताकि ग्रामीणों एवं किसानों का आवागमन सुचारु रूप से जारी रह सके। प्रशासन ने मामले में जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
